Monday, November 12, 2007

तूतनख़ामेन का चेहरा दुनिया के सामने

प्राचीन मिस्त्र के सबसे चर्चित राजा तूतनख़ामेन की मृत्यु के लगभग तीन हज़ार वर्षों बाद उनके चेहरे को पहली बार सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए रखा गया है.
पुरातत्ववेत्ताओं ने मिस्र के 'वैली ऑफ़ किंग' में स्थित राजा तूतनख़ामेन की ममी को बाहर निकाल कर उसे विशेष रूप से बनाए गए खाँचे में रखा है.
आज से 85 वर्ष पूर्व ब्रितानी पुरातत्ववेत्ता हॉवर्ड कार्टर ने फ़राओ के इस ममी की खोज की थी. प्राचीन मिस्र के राजाओं को फ़राओ कहा जाता था.
अब तक सिर्फ़ 50 लोगों ने तूतनख़ामेन के चेहरे को देखा है. इस ममी को एक ताबूत में रखा गया था और जब इस प्राचीन शासक के शरीर को इससे बाहर निकाला गया तो झुर्रीधारी काला चेहरा सामने था.
तूतनख़ामेन ने मिस्र पर 1333 ईसापूर्व से लेकर 1354 ईसापूर्व तक शासन किया और सिर्फ़ 19 वर्ष की उम्र में उनकी मृत्यु हो गई.
पुरातत्ववेत्ताओं की दलील है कि क़ब्र पर आने वाले सैलानियों के कारण गर्मी और आद्रता उत्पन्न होती है जिससे ममी पर बुरा असर पड़ सकता है, इसीलिए उनके अवशेषों को बाहर निकाला गया है.
मिस्र के पुरातत्व विभाग के प्रमुख ज़ही हवास का कहना था, "सुनहरे लड़के के जादू और उससे जुड़े रहस्य के बारे में हर कोई जानना चाहता है."
चर्चित राजा
तूतनख़ामेन को जितनी प्रसिद्धि अपने शासनकाल में नहीं मिली होगी उतनी मौत के बाद मिली जब 1922 में कार्टर ने उनकी ममी ढूंढ निकाली.
वैली ऑफ किंग्स में मिस्र के प्राचीन शासकों की ममी रखी गई हैं
उनके क़ब्र से सोने और हाथी दाँत से बने आभूषणों का जख़ीरा निकला. जब कार्टर की नज़र पहली बार उस पर गई तो उनकी प्रतिक्रिया थी, 'हाँ बहुत सुंदर चीजें हैं'.
ममी ने तावीज़ पहन रखा था और पूरा चेहरा सोने से बने मास्क से ढँका हुआ था.
इन सामानों को निकालने के लिए कार्टर और उनकी टीम के सदस्यों ने तूतनख़ामेन के शरीर के कई टुकड़े कर दिए. सोने के मास्क को हटाने के लिए गर्म छुरियों और तारों का इस्तेमाल किया गया.
इस मास्क को बाम की तरह तूतनख़ामेन के चेहरे पर चढ़ाया गया था.
विखंडित शरीर को दोबारा ठीक करने के बाद 1926 में उसे फिर से पुरानी जगह पर रख दिया गया. उसके बाद से ममी को एक्स-रे के लिए सिर्फ़ तीन बार बाहर निकाला गया है.
वर्ष 1968 में हुए एक्स-रे से ऐसा पता चला कि हड्डी का एक टुकड़ा उनकी खोपड़ी में धंसा हुआ है जिससे क़यास लगे कि 19 वर्षीय तूतनख़ामेन की मौत स्वाभाविक नहीं थी बल्कि उनकी हत्या की गई होगी.

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